LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

आमागोहन में 15वें वित्त की सीसी रोड पर सवाल: सड़क के साथ निजी आंगन की ढलाई का आरोप, इंजीनियर के निरीक्षण पर भी उठे सवाल

आमागोहन में 15वें वित्त की सीसी रोड पर सवाल: सड़क के साथ निजी आंगन की ढलाई का आरोप, इंजीनियर के निरीक्षण पर भी उठे सवाल

करीब 100 मीटर सीसी रोड के निर्माण में गुणवत्ता और पंचायत राशि के इस्तेमाल की जांच की मांग; ग्रामीणों ने कहा—काम के दौरान मौके पर इंजीनियर ने किया था निरीक्षण या नहीं?

ये खबर भी पढ़ें…
आकाशीय बिजली का कहर, 17 बकरा-बकरियों की दर्दनाक मौत
आकाशीय बिजली का कहर, 17 बकरा-बकरियों की दर्दनाक मौत
September 21, 2026
आकाशीय बिजली का कहर, 17 बकरा-बकरियों की दर्दनाक मौत दो किसानों की मेहनत पर कुदरत ने बरपाया कहर, घटना से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जीशान अंसारी की कलम से

कोटा/बिलासपुर।ग्राम पंचायत आमागोहन में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए लगभग 100 मीटर सीसी रोड निर्माण को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार सीसी रोड निर्माण के दौरान वार्ड क्रमांक 5 की पंच श्रीमती नेहा जायसवाल के घर के सामने स्थित आंगन की भी ढलाई कराए जाने का आरोप है। यदि पंचायत मद की राशि से सड़क के अलावा किसी निजी स्थान पर निर्माण कराया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
खबरों का राजा की खबर का बड़ा असर: आमागोहन पंचायत के सचिव राजेश कुमार उइके निलंबित
खबरों का राजा की खबर का बड़ा असर: आमागोहन पंचायत के सचिव राजेश कुमार उइके निलंबित
September 21, 2026
खबरों का राजा की खबर का बड़ा असर: आमागोहन पंचायत के सचिव राजेश कुमार उइके निलंबित जीशान अंसारी की कलम...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीसी रोड का निर्माण कार्य जब मौके पर चल रहा था, तब संबंधित इंजीनियर ने स्थल निरीक्षण किया था या नहीं? ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान इंजीनियर की नियमित मौके पर मौजूदगी या निरीक्षण दिखाई नहीं दिया। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर ओंकार कैवट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

सड़क की जगह निजी आंगन की ढलाई क्यों?

ये खबर भी पढ़ें…
जंगल की कटाई पर वन विभाग की गश्ती व्यवस्था कटघरे में! साढामार बंध के पास पेड़ों की कथित कटाई से हड़कंप, जिम्मेदारों को भनक तक नहीं?
जंगल की कटाई पर वन विभाग की गश्ती व्यवस्था कटघरे में! साढामार बंध के पास पेड़ों की कथित कटाई से हड़कंप, जिम्मेदारों को भनक तक नहीं?
September 21, 2026
जंगल की कटाई पर वन विभाग की गश्ती व्यवस्था कटघरे में! साढामार बंध के पास पेड़ों की कथित कटाई से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर 15वें वित्त की राशि से सीसी रोड स्वीकृत हुई थी, वहां निर्धारित कार्य के अनुसार निर्माण होना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि रोड निर्माण के साथ पंच के घर के सामने आंगन की ढलाई भी करा दी गई।

ऐसे में जांच का मुख्य बिंदु यह होना चाहिए कि—

स्वीकृत कार्य की वास्तविक लंबाई और चौड़ाई कितनी थी?

निर्माण की स्वीकृत लागत कितनी थी?

मौके पर वास्तव में कितने मीटर सीसी रोड बनी?

रोड के अलावा किसी निजी स्थान पर पंचायत राशि से काम कराया गया या नहीं?

माप पुस्तिका में किस कार्य और कितनी मात्रा का उल्लेख है?

बिल-वाउचर और भुगतान किस आधार पर किए गए?

निर्माण के दौरान इंजीनियर ने कितनी बार स्थल निरीक्षण किया?

क्या इंजीनियर द्वारा गुणवत्ता संबंधी कोई निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई?

गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने सीसी रोड की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार करीब ₹2 लाख से ₹2.50 लाख तक की लागत वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल हैं। इसलिए केवल कागजों की जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि मौके पर जाकर सड़क की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई, सामग्री, बेस, कंक्रीट की गुणवत्ता और निर्माण मानकों की जांच किए जाने की मांग की जा रही है।

यदि आवश्यक हो तो सक्षम तकनीकी टीम द्वारा मौके से नमूना लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच भी कराई जा सकती है।

राजेश उइके के कार्यकाल को लेकर भी ग्रामीणों के सवाल

ग्रामीणों ने पंचायत के पूर्व सचिव राजेश उइके के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीसी रोड निर्माण के लिए सामग्री पंचायत में राजेश उइके के कार्यकाल के दौरान गिराई गई थी।

वहीं, पंचायत में पूर्व में सामने आए वित्तीय अनियमितता के मामले का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि 15वें वित्त से संबंधित करीब ₹5.97 लाख की राशि की वसूली/कार्रवाई का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद राजेश उइके को ग्राम पंचायत आमागोहन से हटाकर जनपद पंचायत कार्यालय से संबद्ध किए जाने की कार्रवाई हुई थी। इन पुराने मामलों और वर्तमान सीसी रोड निर्माण को आपस में जोड़कर निष्कर्ष निकालने के बजाय, ग्रामीणों की मांग है कि हर कार्य का अलग-अलग रिकॉर्ड और मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए।

अब जिला पंचायत के अधिकारियों पर नजर

पूरे मामले में अब सवाल जिला पंचायत और जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की मांग है कि जांच टीम केवल पंचायत कार्यालय के दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट तैयार न करे, बल्कि मौके पर पहुंचकर निर्माण की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन करे।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान संबंधित इंजीनियर ने निरीक्षण किया था या नहीं और यदि निरीक्षण किया था तो उसकी रिपोर्ट में क्या दर्ज है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला पंचायत के अधिकारी मामले को केवल कागजी जांच तक सीमित रखते हैं या मौके पर तकनीकी एवं भौतिक सत्यापन कराकर पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाते हैं। यदि जांच में पंचायत राशि का निजी उपयोग, निर्धारित कार्य से अलग निर्माण या गुणवत्ता में कमी प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और राशि की वसूली का रास्ता साफ हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!